अगर आप अपनी सांसों को सही तरीके से इस्तेमाल करना सीख लें, तो शरीर और मन दोनों पर गहरा असर पड़ता है। भस्त्रिका प्राणायाम ऐसा ही एक योग अभ्यास है, जो तेज और नियंत्रित सांसों के जरिए शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है।
इस लेख में हम समझेंगे कि भस्त्रिका प्राणायाम क्या है, इसे कैसे किया जाता है और इसके क्या-क्या फायदे हैं।
भस्त्रिका प्राणायाम क्या है?
भस्त्रिका प्राणायाम दो संस्कृत शब्दों से मिलकर बना है – “भस्त्रिका” और “प्राणायाम”। भस्त्रिका का मतलब होता है धौंकनी, और प्राणायाम का मतलब है सांस का विस्तार करना।
इस प्राणायाम में सांस को तेज गति से अंदर लिया और बाहर छोड़ा जाता है, ठीक वैसे ही जैसे लोहार की धौंकनी आग को तेज करती है।
इस प्रक्रिया में शरीर के अंदर गर्मी पैदा होती है और ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। यह न सिर्फ सांस लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाता है बल्कि शरीर से अशुद्धियों को भी बाहर निकालने में मदद करता है।
यही वजह है कि इसे “Bellows Breath” भी कहा जाता है।
भस्त्रिका प्राणायाम कैसे करें?
भस्त्रिका प्राणायाम सही तरीके से करना बहुत जरूरी है ताकि आपको इसके पूरे फायदे मिल सकें।
सबसे पहले एक साफ और शांत जगह चुनें। सुबह का समय इसके लिए सबसे अच्छा माना जाता है, खासकर खाली पेट।
अब आराम से बैठ जाएं। आप सुखासन या पद्मासन में बैठ सकते हैं। ध्यान रखें कि आपकी पीठ, रीढ़, गर्दन और सिर सीधा रहे। पूरे अभ्यास के दौरान मुंह बंद रखें।
अब नाक के दोनों छिद्रों से एक समान गति से गहरी सांस अंदर लें और उसी गति से बाहर छोड़ें। सांस लेने और छोड़ने की गति तेज रखें, जैसे धौंकनी चलती है।
जब आप सांस अंदर लेते हैं, तो आपके फेफड़े फैलने चाहिए और जब बाहर छोड़ते हैं, तो फेफड़े सिकुड़ने चाहिए। इस दौरान पेट की मूवमेंट पर भी ध्यान दें।
एक राउंड में लगभग 10 बार सांस लें और छोड़ें। धीरे-धीरे आप राउंड की संख्या बढ़ा सकते हैं। हर राउंड के बीच में थोड़ा आराम जरूर करें। एक सत्र में 3 राउंड करना बेहतर माना जाता है।
भस्त्रिका प्राणायाम के फायदे
1. शरीर और मन को ऊर्जा देता है
भस्त्रिका प्राणायाम करने के बाद शरीर और दिमाग दोनों में नई ऊर्जा महसूस होती है। यह आपको दिनभर एक्टिव और फ्रेश रखता है।
2. फेफड़ों को मजबूत बनाता है
इस प्राणायाम से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है। यह फेफड़ों को साफ करता है और उन्हें स्वस्थ बनाए रखता है।
3. ऑक्सीजन का स्तर संतुलित करता है
भस्त्रिका प्राणायाम शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को संतुलित रखता है। इससे शरीर के अंग बेहतर तरीके से काम करते हैं।
4. रोगों में सुधार में मदद
नियमित अभ्यास से टीबी, कैंसर, अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों में सुधार देखा गया है। यह सांस से जुड़ी समस्याओं में खासतौर पर मदद करता है।
5. इम्यूनिटी बढ़ाता है
खासतौर पर बारिश के मौसम में, जब सर्दी, खांसी और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, तब भस्त्रिका प्राणायाम इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। यह शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है।
6. पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है
इस प्राणायाम से पेट के अंगों को अच्छा व्यायाम मिलता है। इससे पाचन शक्ति मजबूत होती है और भूख भी बढ़ती है।
7. मोटापा कम करने में मदद
अगर आप रोजाना भस्त्रिका प्राणायाम करते हैं, तो शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम होने लगती है। यह वजन घटाने में सहायक हो सकता है।
8. ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है
यह शरीर की नसों को शुद्ध करता है और रक्त संचार को बेहतर बनाता है। इससे पूरे शरीर में सही तरीके से खून पहुंचता है।
9. कफ और जकड़न दूर करता है
यह फेफड़ों में जमा अतिरिक्त कफ को बाहर निकालने में मदद करता है। इससे नाक और छाती की जकड़न भी कम होती है।
10. दिमाग को शांत करता है
भस्त्रिका प्राणायाम मन को शांत करता है और साथ ही शरीर को ऊर्जा भी देता है। इससे आप ज्यादा फोकस और अलर्ट महसूस करते हैं।
मानसून में भस्त्रिका प्राणायाम क्यों जरूरी है?
बारिश का मौसम भले ही अच्छा लगता है, लेकिन इस समय पानी, हवा और खाने से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सर्दी, खांसी, अस्थमा और पाचन की समस्या इस मौसम में आम हो जाती हैं।
ऐसे में भस्त्रिका प्राणायाम एक मजबूत उपाय साबित हो सकता है। यह सांस और पाचन तंत्र दोनों को मजबूत करता है, जिससे आप इन मौसमी बीमारियों से बच सकते हैं।
मानसून में ध्यान रखने वाली बातें
भस्त्रिका प्राणायाम के साथ कुछ सामान्य सावधानियां अपनाना भी जरूरी है:
- बारिश में भीगने से बचने के लिए रेनकोट या छाता जरूर रखें
- विटामिन C से भरपूर चीजें जैसे खट्टे फल, गर्म पेय और सूप लें
- सड़क किनारे का खाना खाने से बचें ताकि पाचन संबंधी समस्या न हो
निष्कर्ष
भस्त्रिका प्राणायाम एक आसान लेकिन असरदार योग तकनीक है, जो आपके शरीर और मन दोनों को मजबूत बनाती है।
यह सांस की प्रक्रिया को बेहतर करता है, पाचन को सुधारता है और इम्यूनिटी को बढ़ाता है।
अगर आप इसे रोजाना सही तरीके से करते हैं, तो आप खुद अपने शरीर में सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे।
इसलिए इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें और स्वस्थ जीवन की ओर एक मजबूत कदम बढ़ाएं।
References:
https://www.vinyasayogaashram.com/blog/bhastrika-pranayama-how-to-do-it-steps-and-benefits/
https://theyogainstitute.org/what-is-bhastrika-pranayama-and-its-benefits
Disclaimer:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी प्रकार की मेडिकल सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। भस्त्रिका प्राणायाम शुरू करने से पहले, खासकर अगर आपको कोई बीमारी है, तो डॉक्टर या योग्य योग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। हम किसी भी परिणाम की गारंटी नहीं देते।